admin, Author at cghealth.in https://cghealth.in/author/admin/ CG health & Wellness Sat, 22 Aug 2026 05:27:23 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 धीमा ज़हर: जानिए क्यों आपकी सेहत के लिए खतरनाक है सफ़ेद चीनी का अत्यधिक सेवन https://cghealth.in/%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95/ https://cghealth.in/%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95/#respond Sat, 22 Aug 2026 03:46:58 +0000 https://cghealth.in/?p=184 ​खास बातें: ​नई दिल्ली: चाय-कॉफी की चुस्की, पैक्ड जूस, बिस्कुट और मिठाइयों के ज़रिए सफ़ेद...

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​खास बातें:

  • ​रिफाइंड चीनी को डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट “एम्प्टी कैलोरीज” मानते हैं, जिसमें कोई विटामिन या मिनरल नहीं होता।
  • ​अत्यधिक चीनी केवल मोटापा ही नहीं, बल्कि आपके मस्तिष्क, हार्मोनल संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है।

​नई दिल्ली:

चाय-कॉफी की चुस्की, पैक्ड जूस, बिस्कुट और मिठाइयों के ज़रिए सफ़ेद चीनी (शक्कर) हमारे खान-पान का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। लेकिन स्वाद का यह मीठा अनुभव शरीर के अंदरूनी अंगों पर कितना गहरा वार कर रहा है, इसका अंदाज़ा बहुत कम लोगों को होता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक रिफाइंड चीनी का सेवन आधुनिक जीवनशैली की कई गंभीर बीमारियों की मुख्य जड़ है।

​शरीर के मुख्य अंगों पर चीनी का नकारात्मक प्रभाव

  • ​मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य (Brain & Mental Health): अत्यधिक चीनी का सेवन दिमाग में डोपामाइन (खुशी महसूस कराने वाला हार्मोन) को अचानक बढ़ाता है, जिससे इसकी लत लग जाती है। बार-बार शुगर स्पाइक और क्रैश होने से मूड स्विंग्स, एंग्जायटी (चिंता) और याददाश्त में कमी जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
  • ​लिवर और मेटाबॉलिज्म (Liver Health): रिफाइंड चीनी में फ्रुक्टोज की मात्रा अधिक होती है। जब लिवर पर फ्रुक्टोज का ओवरलोड होता है, तो वह इसे फैट में बदलने लगता है। इससे ‘नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज’ (NAFLD) की गंभीर समस्या पैदा होती है।
  • ​इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज: जब आप बार-बार मीठा खाते हैं, तो पैंक्रियाज को लगातार इंसुलिन बनाना पड़ता है। समय के साथ कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रहतीं (इंसुलिन रेजिस्टेंस), जिससे रक्त में शर्करा का स्तर अनियंत्रित होकर डायबिटीज का रूप ले लेता है।
  • ​हृदय और रक्त वाहिकाएं (Heart & Blood Vessels): ज़रूरत से ज़्यादा चीनी शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स (खराब फैट) और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाती है। इससे धमनियों में ब्लॉकेज, हाई ब्लड प्रेशर और क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन (सूजन) की स्थिति बनती है, जो हार्ट अटैक के जोखिम को दोगुना कर देती है।
  • ​हड्डियां, जोड़ और त्वचा (Bones, Joints & Skin): चीनी के अत्यधिक सेवन से शरीर में ‘एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड-प्रोडक्ट्स’ (AGEs) बनते हैं। यह तत्व कोलाजन और इलास्टिन प्रोटीन को नष्ट करता है, जिससे समय से पहले झुर्रियां, ढीली त्वचा और जोड़ों में दर्द व सूजन की समस्या शुरू हो जाती है।

छिपी हुई चीनी (Hidden Sugar) से सावधानकेवल चाय या मिठाइयों में दिखने वाली चीनी ही खतरनाक नहीं है। बाज़ार में मिलने वाले सॉस, फ्लेवर्ड योगर्ट, डिब्बाबंद सूप, सॉफ्ट ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड स्नैक्स में भी भारी मात्रा में एडेड शुगर (जैसे हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप) छिपी होती है।बचाव और स्वस्थ विकल्पदैनिक सीमा: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, एडेड शुगर की मात्रा दिनभर की कुल कैलोरी का 5% से अधिक (लगभग 25 ग्राम या 5-6 चम्मच) नहीं होनी चाहिए।प्राकृतिक विकल्प: रिफाइंड चीनी की जगह सीमित मात्रा में गुड़, देसी खांड, खजूर या स्टेविया का उपयोग करें।पैकेट लेबल जांचें: पैक्ड फूड खरीदते समय ‘Ingredients’ सूची में सूक्रोज, फ्रुक्टोज, माल्टोज या कॉर्न सिरप का स्तर ज़रूर देखें।

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​डॉ. प्रियंका साहू उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित, स्वतंत्रता दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसडोल में हुआ सम्मान https://cghealth.in/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%82-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7/ https://cghealth.in/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%82-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7/#respond Fri, 21 Aug 2026 12:24:39 +0000 https://cghealth.in/?p=158 ​कसडोल (बलौदाबाजार-भाटापारा): स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के शुभ अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसडोल...

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​कसडोल (बलौदाबाजार-भाटापारा): स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के शुभ अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसडोल में आयोजित गरिमामय समारोह के दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका साहू को उनकी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और सराहनीय कार्यों के लिए ससम्मान सम्मानित किया गया।

​डॉ. साहू द्वारा क्षेत्र में मरीजों के प्रति समर्पण, त्वरित चिकित्सा सेवा और उत्कृष्ट कार्यशैली को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की ओर से यह सम्मान प्रदान किया गया।

​प्रमुख बिंदु:

  • ​सम्मानित व्यक्तित्व: डॉ. प्रियंका साहू (चिकित्सा अधिकारी)
  • ​आयोजन स्थल: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसडोल, जिला – बलौदाबाजार-भाटापारा (छत्तीसगढ़)
  • ​अवसर: स्वतंत्रता दिवस समारोह (15 अगस्त 2026)
  • ​सम्मान का कारण: स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य

​इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों, चिकित्सकों एवं सहकर्मियों ने डॉ. प्रियंका साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर जनसेवा की कामना की।

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निःस्वार्थ जनसेवा का प्रतीक: 1976 से चिकित्सा की नई मिसाल कायम कर रहा ‘सुर क्लिनिक’ https://cghealth.in/%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%83%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/ https://cghealth.in/%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%83%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/#respond Wed, 19 Aug 2026 11:47:01 +0000 https://cghealth.in/?p=154 किराए के गैरेज से शुरू हुआ सेवा का सफर, ‘सुर क्लिनिक’ ने पूरे किए मिसाल...

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किराए के गैरेज से शुरू हुआ सेवा का सफर, ‘सुर क्लिनिक’ ने पूरे किए मिसाल के 50 साल

​पंडरी:

आज के दौर में जहां स्वास्थ्य सेवाएं और इलाज बेहद महंगे हो चुके हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के पंडरी में एक ऐसा क्लिनिक भी है जो पिछले पांच दशकों से केवल ‘सेवा ही धर्म’ के सिद्धांत पर काम कर रहा है। 19 अगस्त 1976 को किराए के एक मामूली गैरेज से शुरू हुआ ‘सुर क्लिनिक’ आज अपनी स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है।

​मात्र 5-10 रुपये में खुद हाथों से बनाते थे दवाएं

इस ऐतिहासिक क्लिनिक की नींव प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सी.एन. सुर (चंद्रनाथ सुर) ने रखी थी। शुरुआती दिनों में जब बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी, तब डॉ. सुर सिर्फ 5 से 10 रुपये की मामूली फीस लेकर खुद अपने हाथों से दवाइयां तैयार करते थे और मरीजों का इलाज करते थे। दशकों बाद भी उनका यह जज्बा और निष्ठा बिल्कुल नहीं बदली।

​विरासत में मिला देशभक्ति और सेवा का संस्कार

डॉ. चंद्रनाथ सुर को जनसेवा का यह संस्कार अपने पिता कैप्टन डॉ. ताराचरण सुर से विरासत में मिला है। कैप्टन डॉ. टी.सी. सुर ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सेना में बतौर डॉक्टर अपनी सेवाएं दी थीं और अपनी जान जोखिम में डालकर अनगिनत सैनिकों का इलाज किया था। अपने पिता के इसी अदम्य साहस और देशप्रेम को आदर्श मानकर डॉ. सी.एन. सुर ने भी अपना पूरा जीवन समाज सेवा के नाम कर दिया।

​कोविड काल में भी नहीं रुके कदम

महामारी के दौर में जब हर तरफ डर का माहौल था, तब भी सुर क्लिनिक के दरवाजे मरीजों के लिए रोजाना खुले रहे। संकट की उस घड़ी में डॉ. सुर ने बिना अपनी परवाह किए लगातार मरीजों का इलाज किया और सेवा की एक अनोखी मिसाल पेश की।

​स्थानीय लोगों के लिए ‘सुर क्लिनिक’ केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि अटूट विश्वास, आत्मीयता और निःस्वार्थ सेवा का एक जीता-जागता स्तंभ है।


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रायपुर में कैंसर के खिलाफ जंग होगी तेज; रामकृष्णा केयर अस्पताल में अत्याधुनिक कैंसर संस्थान का उद्घाटन https://cghealth.in/raipur-ramkrishnacarehospital-cancer-hospital/ https://cghealth.in/raipur-ramkrishnacarehospital-cancer-hospital/#respond Fri, 14 Aug 2026 07:08:49 +0000 https://cghealth.in/?p=140 रायपुर– छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है।...

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रायपुर– छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। रायपुर स्थित प्रतिष्ठित रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘केयर कैंसर इंस्टीट्यूट’ का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है। यह संस्थान न केवल रायपुर, बल्कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के समुदायों के लिए कैंसर के विश्वस्तरीय और सुलभ इलाज का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

​कैंसर के खिलाफ जंग में एक मजबूत कदम

​”कैंसर के खिलाफ जंग में, एक दृढ़ संकल्प” – इसी दृष्टिकोण के साथ स्थापित यह संस्थान रायपुर के निवासियों को एक स्वस्थ भविष्य की “अदम्य शक्ति” प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह संस्थान मध्य भारत में कैंसर के व्यापक उपचार के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। इसका मुख्य उद्देश्य मरीजों को उनके घर के करीब ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

​माननीय मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन

​इस ऐतिहासिक और गरिमामयी समारोह के उद्घाटनकर्ता छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री, श्री विष्णु देव साय होंगे। उनकी उपस्थिति इस पहल के महत्व को और अधिक रेखांकित करती है।

​विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

​उद्घाटन समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • ​श्री रमन सिंह: माननीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ विधानसभा एवं पूर्व मुख्यमंत्री।
  • ​श्री श्याम बिहारी जायसवाल: माननीय मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा।
  • ​डॉ. पवन कुमार: चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (इंडिया II), एस्टर डी एम क्वालिटी केयर लिमिटेड।
  • ​डॉ. संदीप दवे: मेडिकल एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल।

​एक छत के नीचे संपूर्ण उपचार: विश्वस्तरीय सुविधाएं

​’केयर कैंसर इंस्टीट्यूट’ का डिज़ाइन और कार्यप्रणाली मरीजों को एक ही स्थान पर सभी प्रकार के कैंसर उपचार और सहायता सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। संस्थान की प्रमुख विशेषताओं और विभागों में शामिल हैं:

  • ​अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता: संस्थान में बहु-विषयक विशेषज्ञता और आधुनिकतम चिकित्सा तकनीकों का समावेश है, जो इसे विश्वस्तरीय बनाता है।
  • ​समन्वित और रोगी-केंद्रित देखभाल: उपचार के हर चरण को अधिक समन्वित, सटीक और रोगी-केंद्रित बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि मरीजों का अनुभव बेहतर हो सके।
  • ​प्रमुख विभाग:
    • ​मेडिकल ऑन्कोलॉजी: कीमोथेरेपी और लक्षित थेरेपी के लिए।
    • ​सर्जिकल ऑन्कोलॉजी: कैंसर सर्जरी के लिए।
    • ​रेडिएशन ऑन्कोलॉजी: सटीक रेडिएशन थेरेपी के लिए।
    • ​न्यूक्लियर मेडिसिन: उन्नत डायग्नोस्टिक्स और थेरेपी के लिए।
  • ​विशेषीकृत सेवाएं:
    • ​बीएमटी (बोन मैरो ट्रांसप्लांट): रक्त कैंसर के लिए।
    • ​हेमेटोलॉजी: रक्त संबंधी विकारों के लिए।
    • ​क्रिटिकल केयर: गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए।
    • ​पेन एवं पेलिएटिव केयर: दर्द प्रबंधन और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए।
    • ​मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड: विभिन्न विशेषज्ञों का एक पैनल जो प्रत्येक मरीज के मामले की सामूहिक समीक्षा करता है और सबसे उपयुक्त उपचार पद्धति निर्धारित करता है।

​समर्पित और अनुभवी विशेषज्ञों की टीम

​संस्थान के पास एक समर्पित और अत्यधिक अनुभवी डॉक्टरों की टीम है, जो विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं:

  • ​सर्जिकल ऑन्कोलॉजी: डॉ. मी राव (क्लीनिकल डायरेक्टर एवं सीनियर कंसल्टेंट), डॉ. वरुण शर्मा (सीनियर कंसल्टेंट), डॉ. नवीन जैन (कंसल्टेंट), डॉ. अकेला फणींद्र मो (कंसल्टेंट), डॉ. कबीर धाकड़ (कंसल्टेंट)।
  • ​मेडिकल ऑन्कोलॉजी: डॉ. रवि जायसवाल (सीनियर कंसल्टेंट एवं प्रमुख)।
  • ​रेडिएशन ऑन्कोलॉजी: डॉ. गौरव गुप्ता (सीनियर कंसल्टेंट एवं प्रमुख)।
  • ​न्यूक्लियर मेडिसिन: डॉ. नीरू केरकट्टा (कंसल्टेंट)।
  • ​प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी: डॉ. सुभाष साहू (कंसल्टेंट)।

​उद्घाटन समारोह का विवरण:

​सभी नागरिकों को इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए आमंत्रित किया जाता है। समारोह का विवरण नीचे दिया गया है:

  • ​दिनांक: रविवार, 16 अगस्त 2026
  • ​समय: दोपहर 12:30 बजे
  • ​स्थान: रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल, पचपेड़ी नाका, धमतरी रोड, रायपुर, छत्तीसगढ़ – 492001

​अतिरिक्त जानकारी और संपर्क:

​रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल, एस्टर डी एम क्वालिटी केयर लिमिटेड का एक हिस्सा है और कैंसर के खिलाफ लड़ाई में राज्य की क्षमता बढ़ाने के लिए यह संस्थान एक मील का पत्थर साबित होगा। यह पहल न केवल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि अनगिनत परिवारों को आशा और विश्वास की एक नई किरण प्रदान करेगी।

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बिलासपुर के संजीवनी हॉस्पिटल में आधुनिक नेत्र चिकित्सा की व्यापक सुविधा, उन्नत तकनीक से हो रहे जटिल ऑपरेशन https://cghealth.in/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%89%e0%a4%b8%e0%a5%8d/ https://cghealth.in/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%89%e0%a4%b8%e0%a5%8d/#respond Fri, 14 Aug 2026 05:31:48 +0000 https://cghealth.in/?p=137 बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर स्थित संजीवनी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (स्मार्ट रोड, वेयरहाउस रोड, सिंधी कॉलोनी)...

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बिलासपुर।

न्यायधानी बिलासपुर स्थित संजीवनी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (स्मार्ट रोड, वेयरहाउस रोड, सिंधी कॉलोनी) क्षेत्र के मरीजों को विश्वस्तरीय एवं अत्याधुनिक नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। 2005 से लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी यह 100 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी संस्थान उन्नत तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों के माध्यम से आंखों की संपूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

​उन्नत तकनीक से आंखों की सर्जरी

​अस्पताल के नेत्र रोग विभाग द्वारा अत्याधुनिक उपकरणों के जरिए कई प्रमुख सर्जरी की जा रही हैं:

  • ​मोतियाबिंद सर्जरी (Cataract Surgery): धुंधली दृष्टि से स्थायी राहत प्रदान करने के लिए आधुनिक विधि।
  • ​लेसिक सर्जरी (LASIK): चश्मे से मुक्ति पाकर स्पष्ट दृष्टि प्राप्त करने की सुरक्षित तकनीक।
  • ​रेटिना सर्जरी (Retina Surgery): रेटिना से संबंधित जटिल समस्याओं का उन्नत उपचार।
  • ​ग्लूकोमा सर्जरी (Glaucoma Surgery): आंखों के आंतरिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी इलाज।
  • ​स्क्विंट सर्जरी (Squint Surgery): भेंगेपन के सही संरेखण और सौंदर्य सुधार के लिए।

​मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं

​संजीवनी हॉस्पिटल में मरीजों को दर्दरहित (Painless), सुरक्षित और सटीक प्रक्रियाओं के माध्यम से त्वरित रिकवरी और बेहतर परिणाम दिए जा रहे हैं। अस्पताल में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है, जिसके तहत देश की प्रमुख बीमा कंपनियां (जैसे स्टार हेल्थ, केयर, बजाज एलियांज, एचडीएफसी एर्गो, रिलायंस, टाटा एआईजी, चोला एमएस, इफको-टोकियो आदि) पैनल पर शामिल हैं।

​संपर्क एवं जानकारी:

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आंखों की समय पर जांच और सही इलाज बेहद आवश्यक है। अधिक जानकारी या परामर्श के लिए मरीज 9424168808 पर संपर्क कर सकते हैं।

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दैनिक दिनचर्या में अपनाएं ये 5 आदतें, दिनभर बनी रहेगी ऊर्जा और बढ़ेगी इम्यूनिटी https://cghealth.in/adopt-these-5-habits-in-your-daily-routine-to-stay-energetic-all-day-and-boost-your-immunity/ https://cghealth.in/adopt-these-5-habits-in-your-daily-routine-to-stay-energetic-all-day-and-boost-your-immunity/#respond Wed, 05 Aug 2026 02:11:26 +0000 https://cghealth.in/?p=115 व्यस्त जीवनशैली के बीच शरीर और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखने के लिए विशेषज्ञों ने...

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व्यस्त जीवनशैली के बीच शरीर और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखने के लिए विशेषज्ञों ने दिए बेहद आसान और प्रभावी टिप्स।

आदतमुख्य लाभ
सुबह गुनगुना पानीपाचन तंत्र में सुधार व डिटॉक्स
30 मिनट वॉक/योगदिल की सेहत और तनाव मुक्ति
सही पोषण व नींदमजबूत इम्यूनिटी और दिनभर ऊर्जा

भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खान-पान और बढ़ता मानसिक तनाव आज हमारी सेहत के सबसे बड़े दुश्मन बन चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों (Health Experts) का मानना है कि दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय अगर हम अपनी रोजाना की आदतों में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव करें, तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

किसी भी हेल्थ पोर्टल या दैनिक लाइफस्टाइल रूटीन के लिए यहाँ 5 बेहद कारगर स्वास्थ्य टिप्स दिए गए हैं:

1. दिन की शुरुआत गुनगुने पानी और प्राणायाम से करें

सुबह उठते ही चाय या कॉफी के बजाय 1-2 ग्लास गुनगुना पानी पिएं। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने और पाचन तंत्र को सक्रिय करने में मदद करता है। इसके साथ 10-15 मिनट का अनुलोम-विलोम या कपालभाति प्राणायाम आपके फेफड़ों को मजबूती देता है।

2. पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार लें

  • रंग-बिरंगी सब्जियां और फल: अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और अंकुरित अनाज शामिल करें।
  • प्रोटीन और फाइबर: दालें, पनीर, ड्राई फ्रूट्स और ओट्स को नाश्ते का हिस्सा बनाएं ताकि दिनभर ऊर्जा बनी रहे।
  • प्रोबायोटिक्स: दही या छाछ का सेवन पेट के स्वास्थ्य (Gut Health) के लिए बेहद फायदेमंद है।

3. पर्याप्त हाइड्रेशन और डिजिटल डिटॉक्स

शरीर को सही तरीके से कार्य करने के लिए रोजाना कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी पीना आवश्यक है। इसके साथ ही, आंखों और मानसिक शांति के लिए सोने से कम से कम 1 घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसी स्क्रीन से दूरी बनाएं।

4. प्रतिदिन 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि

जिम जाना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। आप रोज 30 मिनट तेज चाल से टहलना (Brisk Walking), योग, साइकिल चलाना या एरोबिक्स कर सकते हैं। यह हृदय स्वास्थ्य (Cardiovascular Health) को दुरुस्त रखता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है।

5. 7-8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद

अधूरी नींद से तनाव हार्मोन (Cortisol) बढ़ता है, जिससे मोटापा और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। रात को समय पर सोने की आदत डालें ताकि शरीर को रिकवरी का पूरा समय मिल सके।

डॉक्टर की सलाह: “स्वास्थ्य कोई एक दिन का लक्ष्य नहीं, बल्कि रोज की जाने वाली एक जीवनशैली है। छोटे बदलाव ही लंबे समय में बड़ा परिणाम देते हैं।”

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टेक-नेक’ और डिजिटल थकान से बिगड़ रहा पोश्चर https://cghealth.in/posture-deteriorating-due-to-tech-neck-and-digital-fatigue/ https://cghealth.in/posture-deteriorating-due-to-tech-neck-and-digital-fatigue/#respond Tue, 04 Aug 2026 18:44:46 +0000 https://cghealth.in/?p=110 र्टफोन, लैपटॉप और डिजिटल स्क्रीन पर लगातार घंटों बिताने की आदत अब लोगों की रीढ़...

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र्टफोन, लैपटॉप और डिजिटल स्क्रीन पर लगातार घंटों बिताने की आदत अब लोगों की रीढ़ की हड्डी और गर्दन की सेहत पर भारी पड़ रही है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी आबादी में ‘टेक-नेक सेंड्रोम’ (Tech-Neck Syndrome) और सर्वाइकल से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। झुककर स्क्रीन देखने से गर्दन पर सामान्य से 3 से 4 गुना अधिक दबाव पड़ता है, जिससे समय से पहले रीढ़ की हड्डी के घिसने (Degeneration) का खतरा बढ़ जाता है।

⚠️ मुख्य लक्षण जिन पर ध्यान देना जरूरी है:

*गर्दन, कंधों और ऊपरी पीठ में लगातार धीमा या तेज दर्द रहना।

  • लंबे समय तक बैठने के बाद हाथों या उंगलियों में सुन्नता (Numbness) या झुनझुनी महसूस होना।
  • बार-बार सिरदर्द होना और आंखों में खिंचाव या सूखापन (Dry Eyes) महसूस होना।

💡 एक्सपर्ट्स के 4 आसान बचाव टिप्स

1. 20-20-20 का नियम अपनाएं: हर 20 मिनट के स्क्रीन टाइम के बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।

2. आई-लेवल (Eye-Level) एडजस्ट करें: लैपटॉप या मोबाइल का इस्तेमाल करते समय स्क्रीन को आंखों के ठीक सामने रखें, न कि नीचे झुककर देखें।

3. ‘माइक्रो-ब्रेक्स’ लें: लगातार 45 मिनट बैठने के बाद 2 मिनट का ब्रेक लें और गर्दन व कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें।

4. हाइड्रेशन और वॉक: दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और रोजाना कम से कम 30 मिनट हल्की वॉक करें ताकि मांसपेशियों में लचीलापन बना रहे।

डॉक्टर की सलाह: अगर गर्दन का दर्द लगातार 1 हफ्ते से ज्यादा बना रहे या बाहों तक फैलने लगे, तो पेनकिलर लेने के बजाय तुरंत फिजियोथेरेपिस्ट या ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से संपर्क करें।

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कैंसर: लक्षण, बचाव और अत्याधुनिक इलाज https://cghealth.in/cancer-symptoms-prevention-and-state-of-the-art-treatment/ https://cghealth.in/cancer-symptoms-prevention-and-state-of-the-art-treatment/#respond Fri, 31 Jul 2026 18:23:12 +0000 https://cghealth.in/?p=103 cghealth.in की विशेष बातचीत संपादकीय प्रस्तुति: cghealth.in डॉ. प्रशांत कासर (ऑन्कोलॉजिस्ट, करुणा श्री कैंसर अस्पताल)...

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cghealth.in की विशेष बातचीत

संपादकीय प्रस्तुति: cghealth.in

डॉ. प्रशांत कासर (ऑन्कोलॉजिस्ट, करुणा श्री कैंसर अस्पताल)

विशेषज्ञ: डॉ. प्रशांत कासर (ऑन्कोलॉजिस्ट, करुणा श्री कैंसर अस्पताल)

विषय: कैंसर के शुरुआती लक्षण, आधुनिक उपचार तकनीकें और रोकथाम के उपाय

साक्षात्कार

cghealth.in: नमस्कार डॉक्टर साहब! cghealth.in में आपका स्वागत है। आज हमारे छत्तीसगढ़ के पाठकों के मन में कैंसर को लेकर कई भ्रांतियाँ और सवाल हैं। सबसे पहले हम यह जानना चाहेंगे कि वर्तमान समय में हमारे प्रदेश में किस प्रकार के कैंसर के मामले सबसे अधिक देखने को मिल रहे हैं?

डॉ. प्रशांत कासर: नमस्कार। cghealth.in के सभी पाठकों को मेरा प्रणाम। अगर हम छत्तीसगढ़ और मध्य भारत की बात करें, तो पुरुषों में ओरल कैंसर (मुख का कैंसर) और फेफड़ों का कैंसर (लंग कैंसर) सबसे आम है, जिसका मुख्य कारण तंबाकू, गुटका, बीड़ी और सिगरेट का सेवन है। वहीं महिलाओं में स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) और गर्भाशय के ग्रीवा का कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) के मामले सबसे अधिक दर्ज किए जाते हैं।

cghealth.in: डॉक्टर साहब, कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती ‘देर से पहचान होना’ मानी जाती है। आम इंसान किन शुरुआती लक्षणों को देखकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे?

डॉ. प्रशांत कासर: आपने बिल्कुल सही कहा। कैंसर का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते इसकी पहचान समय पर हो (Stage 1 या Stage 2 में)। कुछ मुख्य लक्षण जिन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए:

  • मुंह में छाले: जो 2-3 हफ्तों से अधिक समय से न भर रहे हों या सफेद/लाल धब्बे।
  • असामान्य गांठ: शरीर के किसी भी हिस्से (विशेषकर स्तन, गर्दन या बगल) में बिना दर्द वाली गांठ का होना।
  • वजन का तेजी से गिरना: बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक वजन कम होना या भूख न लगना।
  • असामान्य रक्तस्राव: महिलाओं में पीरियड्स के अलावा या मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग होना।
  • आवाज में बदलाव या पुरानी खांसी: लंबे समय से बनी रहने वाली खांसी या निगलने में तकलीफ।

महत्वपूर्ण संदेश: यदि इनमें से कोई भी लक्षण 2-3 हफ्ते से अधिक रहे, तो बिना डरे तुरंत ऑन्कोलॉजिस्ट से परामर्श लें। हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन जांच कराना जरूरी है।

cghealth.in: करुणा श्री कैंसर अस्पताल में कैंसर के इलाज के लिए कौन-कौन सी आधुनिक तकनीकें और सुविधाएं उपलब्ध हैं?

डॉ. प्रशांत कासर: करुणा श्री कैंसर अस्पताल में हम कैंसर के संपूर्ण और आधुनिक इलाज (Comprehensive Cancer Care) के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे पास निम्नलिखित मुख्य विभाग और तकनीकें उपलब्ध हैं:

  1. मेडिकल ऑन्कोलॉजी (Medical Oncology): एडवांस्ड कीमोथेरेपी (Chemotherapy), टार्गेटेड थेरेपी (Targeted Therapy) और इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy), जो स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाए बिना कैंसर कोशिकाओं पर वार करती हैं।
  2. रेडिएशन ऑन्कोलॉजी (Radiation Oncology): आधुनिक 3D-CRT और IGRT तकनीक, जिससे कैंसर ट्यूमर पर सटीक रेडिएशन दिया जाता है और आसपास के अंग सुरक्षित रहते हैं।
  3. सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (Surgical Oncology): ट्यूमर को शरीर से सुरक्षित रूप से निकालने के लिए जटिल सर्जरी की सुविधा।
  4. कैंसर स्क्रीन सेंटर (Cancer Screening): मैमोग्राफी, पेप स्मीयर और बायोप्सी के माध्यम से शुरुआती जांच की सुविधा।

cghealth.in: मरीज अक्सर ‘कीमोथेरेपी’ के साइड इफेक्ट्स (जैसे बाल झड़ना, कमजोरी) से डरते हैं। आप उन्हें क्या सलाह देना चाहेंगे?

डॉ. प्रशांत कासर: यह डर स्वाभाविक है, लेकिन आज की मेडिकल साइंस बहुत आगे बढ़ चुकी है। आधुनिक कीमोथेरेपी दवाओं के साथ हम सपोर्टिव मेडिसिन देते हैं, जिससे उल्टी, दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं बहुत कम हो जाती हैं।

जहाँ तक बाल झड़ने का सवाल है, यह एक अस्थायी प्रक्रिया है। इलाज पूरा होने के कुछ ही महीनों बाद बाल वापस आ जाते हैं। मरीज को यह समझना होगा कि कीमोथेरेपी शरीर में छिपे कैंसर के सूक्ष्म कणों को खत्म कर जीवन बचाने का काम करती है।

cghealth.in: अंत में, cghealth.in के माध्यम से आप छत्तीसगढ़ की जनता को जीवनशैली और कैंसर से बचाव के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे?

डॉ. प्रशांत कासर: मेरा संदेश बहुत सरल है: “जागरूकता ही बचाव है।”

  • तंबाकू और शराब से दूरी बनाएं: तंबाकू किसी भी रूप में हो (गुटका, खैनी, सिगरेट), यह कैंसर का सबसे बड़ा कारण है।
  • खान-पान में सुधार करें: ताजे फल, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन लें। जंक फूड और प्रोसेस्ड मीट से बचें।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि: प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम या वॉक करें।
  • नियमित हेल्थ चेकअप: 40 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं को सालाना ब्रेस्ट स्क्रीन और पेप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए।

अगर कैंसर का पता समय पर चल जाए, तो इसे पूरी तरह हराकर एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। डरें नहीं, सही समय पर सही डॉक्टर से सलाह लें।

cghealth.in: अपना कीमती समय देने और हमारे पाठकों को इतनी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, डॉ. प्रशांत कासर!

डॉ. प्रशांत कासर: धन्यवाद! cghealth.in का भी आभार, जो स्वास्थ्य के प्रति समाज में इतनी अच्छी जागरूकता फैला रहा है।

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बरसात में सेहत का रखें खास ख्याल: मानसून के सुहाने मौसम में गंभीर बीमारियों से बचने के अचूक उपाय https://cghealth.in/take-special-care-of-your-health-during-the-rains-surefire-ways-to-avoid-serious-illnesses-during-the-pleasant-monsoon-season/ https://cghealth.in/take-special-care-of-your-health-during-the-rains-surefire-ways-to-avoid-serious-illnesses-during-the-pleasant-monsoon-season/#comments Thu, 30 Jul 2026 08:18:07 +0000 https://cghealth.in/?p=58 गर्मी की तपिश और झुलसाने वाली धूप के बाद मानसून की पहली बारिश हर किसी...

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गर्मी की तपिश और झुलसाने वाली धूप के बाद मानसून की पहली बारिश हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ले आती है। चारों तरफ फैली हरियाली, ठंडी हवाएं और चाय-पकोड़ों का दौर इस मौसम को बेहद सुहावना बना देता है। लेकिन, खूबसूरत अहसास दिलाने के साथ ही मानसून अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को भी लेकर आता है। हवा में नमी (ह्यूमडिटी) और वातावरण में फैलने वाले बैक्टीरिया-वायरस के कारण इस मौसम में डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, डायरिया, पेट के इंफेक्शन और त्वचा से जुड़ी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में थोड़ा सा ध्यान रखकर आप अपनी और अपने परिवार की सेहत की रक्षा कर सकते हैं।

आइए जानते हैं कि इस मानसूनी सीजन में खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ और फिट रखने के लिए किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

1. खान-पान में बरतें विशेष सावधानी

बरसात के मौसम में हमारा पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर हो जाता है। इसलिए इस मौसम में हल्का, सुपाच्य और ताजा बना खाना ही खाएं।

  • स्ट्रीट फूड से दूरी बनाएं: सड़क किनारे मिलने वाले कटे हुए फल, गोलगप्पे और पकौड़ों से परहेज करें, क्योंकि इन पर मक्खियां बैठती हैं और दूषित पानी का इस्तेमाल होने से इंफेक्शन का खतरा रहता है।
  • सब्जियों और फलों की सही सफाई: बाजार से लाए गए फल और हरी सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले गुनगुने पानी और नमक से अच्छी तरह धोएं।
  • पाचन को दुरुस्त रखें: खाने में अदरक, लहसुन, हल्दी, काली मिर्च और हींग जैसे मसालों का प्रयोग करें। ये न केवल खाने का स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि इम्युनिटी को भी मजबूत करते हैं।

2. शुद्ध पानी का सेवन करें

मानसून में जल जनित बीमारियों (Water-borne Diseases) जैसे हैजा, टाइफाइड और पीलिया का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

  • उबला हुआ पानी पीएं: पानी को उबालकर या सही फिल्टर का पानी ही इस्तेमाल करें।
  • खुद को हाइड्रेटेड रखें: मौसम ठंडा होने पर अक्सर लोग कम पानी पीते हैं, लेकिन शरीर को डिटॉक्स रखने के लिए रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पीएं।

3. मच्छरों और इंफेक्शन से बचाव

बारिश के पानी का एक जगह जमा होना मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया जैसी बीमारियां तेजी से फैलती हैं।

  • घर के आसपास पानी न जमने दें: कूलर, गमलों, पुराने टायरों और छतों पर पानी जमा न होने दें।
  • मच्छरदानी और रिपेलेंट का प्रयोग: रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और बाहर निकलते समय शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें।

4. व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene)

  • गीले कपड़ों और जूतों से बचें: बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़े बदलें। गीले कपड़ों में लंबे समय तक रहने से फंगल इंफेक्शन और सर्दी-जुकाम हो सकता है।
  • हाथ धोने की आदत डालें: बाहर से आने के बाद या खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।

निष्कर्ष

मानसून प्रकृति का आनंद लेने का मौसम है, बशर्ते हम अपनी सेहत के प्रति सजग रहें। अपनी दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव, संतुलित आहार और स्वच्छता को अपनाकर आप इस खूबसूरत मौसम का पूरा मजा ले सकते हैं और बीमारियों को खुद से कोसों दूर रख सकते हैं।

याद रखें: सावधानी ही बचाव है! यदि बारिश के मौसम में लगातार बुखार, उल्टी-दस्त या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहतमंद कैसे रहें? 5 आसान और असरदार टिप्स https://cghealth.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87/ https://cghealth.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87/#respond Fri, 24 Jul 2026 02:48:34 +0000 https://cghealth.in/?p=5 आज की डिजिटल और तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में हम अक्सर काम और जिम्मेदारियों के बीच...

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आज की डिजिटल और तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में हम अक्सर काम और जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। देर रात तक काम करना, घंटों स्क्रीन के सामने बैठना और अनहेल्दी खान-पान अब हमारी दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है।

परिणाम? असमय थकान, तनाव, और गंभीर बीमारियों का खतरा।

लेकिन अच्छी खबर यह है कि फिट रहने के लिए आपको अपनी दिनचर्या में बहुत बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं है। छोटे-छोटे और सही कदम उठाकर भी आप खुद को सेहतमंद और ऊर्जावान (energetic) रख सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 आसान तरीके:

1. 💧 पर्याप्त पानी पीने की आदत डालें

हमारे शरीर का लगभग 60% हिस्सा पानी से बना है। पानी कम पीने से थकान, सिरदर्द और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

  • क्या करें: दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास (2-3 लीटर) पानी ज़रूर पिएं। अपने पास हमेशा पानी की बोतल रखें।

2. 🥗 थाली में पोषण को प्राथमिकता दें

जंक फूड और प्रोसेस्ड खाना भले ही स्वादिष्ट लगे, लेकिन यह शरीर को अंदर से कमजोर बनाता है।

  • क्या करें: अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दालें, और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें। रिफाइंड शुगर और अधिक नमक वाले भोजन से दूरी बनाएं।

3. 🏃‍♂️ रोज कम से कम 30 मिनट एक्टिव रहें

अगर आपके पास जिम जाने का समय नहीं है, तो भी घबराने की बात नहीं है। शरीर को गति में रखना ही सबसे महत्वपूर्ण है।

  • क्या करें: रोजाना 30 मिनट तेज़ टहलें (brisk walk), योग करें, साइकल चलाएं या सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। यह आपके दिल और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखेगा।

4. 😴 7-8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लें

अधूरी नींद न केवल आपकी कार्यक्षमता घटाती है, बल्कि मानसिक तनाव और वजन बढ़ने का कारण भी बनती है।

  • क्या करें: सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन बंद कर दें। एक निश्चित समय पर सोने और जागने का नियम बनाएं।

5. 🧘‍♂️ डिजिटल डिटॉक्स और तनाव प्रबंधन

दिनभर स्क्रीन के सामने रहने से मानसिक थकान होती है। तनाव दूर करने के लिए थोड़ा समय खुद को देना ज़रूरी है।

  • क्या करें: दिन में 10-15 मिनट ध्यान (Meditation) या गहरी सांस लेने का अभ्यास (Breathing Exercises) करें। हफ्ते में एक दिन सोशल मीडिया से दूरी बनाकर प्रकृति के साथ समय बिताएं।

💡 निष्कर्ष (Conclusion)

आपकी सेहत आपकी सबसे बड़ी संपत्ति है। सेहतमंद रहने के लिए किसी चमत्कार की नहीं, बल्कि निरंतरता (Consistency) की ज़रूरत होती है। आज ही से इनमें से 1 या 2 आदतों को अपनी जीवनशैली में शामिल करें और फर्क महसूस करें!

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। अगर आप किसी गंभीर बीमारी या स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

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