एक्सक्लूसिव इंटरव्यू:न्यूरोलॉजिकल समस्याओं, स्ट्रोक और दिमाग की सेहत पर डॉ. रश्मि देवांगन से खास बातचीत

पोर्टल: cghealth.in
विशेषज्ञ: डॉ. रश्मि देवांगन (न्यूरोलॉजिस्ट)
विषय: मस्तिष्क स्वास्थ्य, स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण और आधुनिक जीवनशैली का तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव
cghealth.in: डॉक्टर रश्मि देवांगन जी, cghealth.in में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। आज के समय में न्यूरो (तंत्रिका तंत्र) से जुड़ी समस्याएं काफी तेजी से बढ़ रही हैं। एक न्यूरोलॉजिस्ट के रूप में, आप आम जनता को सबसे पहले क्या संदेश देना चाहेंगी?
डॉ. रश्मि देवांगन: बहुत-बहुत धन्यवाद cghealth.in की पूरी टीम का। मेरा सबसे पहला संदेश यही है कि “मस्तिष्क स्वास्थ्य को कभी नजरअंदाज न करें”। लोग अक्सर दिल या पेट की समस्याओं पर तुरंत ध्यान देते हैं, लेकिन लगातार सिरदर्द, हाथ-पैरों में सुन्नपन या भूलने की बीमारी को सामान्य थकान मानकर टाल देते हैं। दिमाग हमारे शरीर का कंट्रोल सेंटर है, इसलिए इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।
cghealth.in: आजकल ‘ब्रेन स्ट्रोक’ (पैरालिसिस/लकवा) के मामले युवाओं में भी देखे जा रहे हैं। इसके मुख्य कारण क्या हैं और शुरुआती 3-4 घंटे क्यों महत्वपूर्ण (Golden Hour) माने जाते हैं?
डॉ. रश्मि देवांगन: यह बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल है। स्ट्रोक का मुख्य कारण मस्तिष्क की नसों में रक्त का थक्का (Blood Clot) जमना या नस का फटना है। युवाओं में इसका बड़ा कारण अनियंत्रित लाइफस्टाइल, तनाव, स्मोकिंग, जंक फूड और डायबिटीज/ब्लड प्रेशर की अनदेखी है।
स्ट्रोक के समय शुरुआती 4.5 घंटे ‘गोल्डन आवर’ कहलाते हैं। यदि मरीज को इस दौरान अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो क्लॉट-बस्टिंग मेडिसिन (Clot Dissolving Injections) देकर मरीज को स्थायी रूप से अपाहिज होने या जान जाने के खतरे से बचाया जा सकता है।
cghealth.in: कोई आम इंसान स्ट्रोक के लक्षणों को तुरंत कैसे पहचान सकता है?
डॉ. रश्मि देवांगन: इसके लिए एक बहुत आसान फॉर्मूला है— BE FAST:
- B (Balance): अचानक संतुलन बिगड़ना या चक्कर आना।
- E (Eyes): आंखों से धुंधला या दोहरा दिखाई देना।
- F (Face): चेहरे का एक तरफ झुक जाना या टेढ़ा होना।
- A (Arms): एक हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन आना।
- S (Speech): बोलने में लड़खड़ाहट या आवाज साफ न निकलना।
- T (Time): यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो बिना समय गंवाए तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट या नजदीकी इमरजेंसी अस्पताल पहुंचें।
cghealth.in: कई लोगों को नसों में सुन्नपन (Numbness) या झुनझुनी की शिकायत रहती है। इसे कब गंभीर समझना चाहिए?
डॉ. रश्मि देवांगन: हाथ या पैरों में लगातार झुनझुनी होना या सुन्नपन महसूस होना न्यूरोपैथी (Neuropathy) या नसों के दबने का संकेत हो सकता है। अक्सर डायबिटीज के मरीजों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। इसके अलावा विटामिन B12 की कमी या सर्वाइकल/लंबर डिस्क की समस्या से भी ऐसा होता है। अगर यह समस्या लगातार बनी रहे या चलने-फिरने में दिक्कत पैदा करे, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
cghealth.in: माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द में लोग अक्सर अंतर नहीं कर पाते। एक न्यूरोलॉजिस्ट के तौर पर आप इसे कैसे स्पष्ट करेंगी?
डॉ. रश्मि देवांगन: सामान्य सिरदर्द आमतौर पर तनाव या नींद की कमी से होता है और आराम करने से ठीक हो जाता है। लेकिन माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है।
- माइग्रेन में सिर के एक हिस्से में तेज टीस (pulsating pain) मारने वाला दर्द होता है।
- इसके साथ जी मिचलाना (Nausea), उल्टी होना, या रोशनी और तेज आवाज से परेशानी होना शामिल है।
- माइग्रेन का इलाज खुद से पेनकिलर लेकर करने के बजाय डॉक्टर की सलाह से प्रॉपर प्रिवेंटिव मेडिकेशन से करना चाहिए।
cghealth.in: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और स्क्रीन टाइम (Screen Time) का हमारी न्यूरोलॉजिकल हेल्थ पर क्या असर पड़ रहा है?
डॉ. रश्मि देवांगन: अत्यधिक स्क्रीन टाइम से न केवल आंखों पर जोर पड़ता है, बल्कि यह मस्तिष्क की नींद नियंत्रित करने वाली प्रक्रिया (Melatonin Cycle) को बिगाड़ देता है। इससे अनिद्रा (Insomnia), चिड़चिड़ापन, माइग्रेन का ट्रिगर होना और ध्यान केंद्रित करने में कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
cghealth.in: अपने दिमाग और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए हमारे पाठकों को क्या 3 प्रमुख टिप्स देना चाहेंगी?
डॉ. रश्मि देवांगन:
- सक्रिय जीवनशैली और संतुलित आहार: रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें। एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाना खाएं।
- पूरी नींद और तनाव प्रबंधन: 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लें और योग या मेडिटेशन को रूटीन में शामिल करें।
- नियमित हेल्थ चेकअप: अगर आपको बीपी, शुगर या थायरॉयड है, तो इसे कंट्रोल में रखें। यह नसों के स्वास्थ्य के लिए सबसे जरूरी है।
cghealth.in: डॉ. रश्मि देवांगन जी, अपने व्यस्त समय में से cghealth.in के पाठकों के लिए यह बहुमूल्य जानकारी साझा करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!
डॉ. रश्मि देवांगन: धन्यवाद! स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने की दिशा में cghealth.in का यह प्रयास सराहनीय है। सभी सुरक्षित रहें और स्वस्थ रहें।