August 5, 2026

टेक-नेक’ और डिजिटल थकान से बिगड़ रहा पोश्चर

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Posture deteriorating due to ‘tech neck’ and digital fatigue.

र्टफोन, लैपटॉप और डिजिटल स्क्रीन पर लगातार घंटों बिताने की आदत अब लोगों की रीढ़ की हड्डी और गर्दन की सेहत पर भारी पड़ रही है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी आबादी में ‘टेक-नेक सेंड्रोम’ (Tech-Neck Syndrome) और सर्वाइकल से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। झुककर स्क्रीन देखने से गर्दन पर सामान्य से 3 से 4 गुना अधिक दबाव पड़ता है, जिससे समय से पहले रीढ़ की हड्डी के घिसने (Degeneration) का खतरा बढ़ जाता है।

⚠️ मुख्य लक्षण जिन पर ध्यान देना जरूरी है:

*गर्दन, कंधों और ऊपरी पीठ में लगातार धीमा या तेज दर्द रहना।

  • लंबे समय तक बैठने के बाद हाथों या उंगलियों में सुन्नता (Numbness) या झुनझुनी महसूस होना।
  • बार-बार सिरदर्द होना और आंखों में खिंचाव या सूखापन (Dry Eyes) महसूस होना।

💡 एक्सपर्ट्स के 4 आसान बचाव टिप्स

1. 20-20-20 का नियम अपनाएं: हर 20 मिनट के स्क्रीन टाइम के बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।

2. आई-लेवल (Eye-Level) एडजस्ट करें: लैपटॉप या मोबाइल का इस्तेमाल करते समय स्क्रीन को आंखों के ठीक सामने रखें, न कि नीचे झुककर देखें।

3. ‘माइक्रो-ब्रेक्स’ लें: लगातार 45 मिनट बैठने के बाद 2 मिनट का ब्रेक लें और गर्दन व कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें।

4. हाइड्रेशन और वॉक: दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और रोजाना कम से कम 30 मिनट हल्की वॉक करें ताकि मांसपेशियों में लचीलापन बना रहे।

डॉक्टर की सलाह: अगर गर्दन का दर्द लगातार 1 हफ्ते से ज्यादा बना रहे या बाहों तक फैलने लगे, तो पेनकिलर लेने के बजाय तुरंत फिजियोथेरेपिस्ट या ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से संपर्क करें।

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